tag:blogger.com,1999:blog-3811296754727980243.post-15148196127622170552007-04-14T05:47:00.000+02:002007-04-14T05:47:00.000+02:00बधाई हो मिश्र जी आपने दोबारा यह शुभ कार्य आरंभ कर ...बधाई हो मिश्र जी आपने दोबारा यह शुभ कार्य आरंभ कर दिया। एक बार मुझे लगा था कि शायद अब आपकी इसमें समयाभाव से रुचि नहीं रही। <BR/><BR/>गीता तो खैर संसार की सर्वश्रेष्ठ पुस्तकों में से है ही, इसके अलावा भी कई पवित्र और श्रेष्ठ पुस्तकें हैं जिन्हें नैट पर हिन्दी में उपलब्ध करवाने का प्रयास होना चाहिए।Shrishhttp://www.blogger.com/profile/15264688244278112743noreply@blogger.com